आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में सामने आए चर्चित बाथरूम मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस घर में परिवार अपने बेटे और भाई की तलाश करता रहा, उसी घर के बाथरूम के फर्श के नीचे उसका शव करीब 45 दिनों तक दबा रहा। अब जांच में 18 मई को किया गया एक फोन कॉल इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 18 मई को सुरेंद्र शर्मा की हत्या हुई। पूछताछ में आरोपी पत्नी रूबी ने कथित तौर पर बताया कि उसने पहले पति को खीर में 15–16 नींद की गोलियां मिलाकर खिलाईं। जब वह बेहोश हो गया, तब उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस अभी इन दावों की वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच कर रही है।
18 मई का फोन कॉल बना जांच का टर्निंग पॉइंट
जांच के मुताबिक, हत्या वाले दिन सुबह रूबी ने सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को फोन किया। उसने कहा कि घर में पुलिस से जुड़ा कोई मामला है, इसलिए वह मां और दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। लेकिन उसने एक और बात कही—”घर के अंदर मत आना, बच्चों को बाहर से ही ले जाना।”
उस समय परिवार को यह बात सामान्य लगी, लेकिन अब पुलिस का मानना है कि इसी फोन कॉल से यह संकेत मिलता है कि घर के भीतर कुछ ऐसा था जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही थी।
अकेले शव दफनाने का दावा
पुलिस के अनुसार, रूबी ने पूछताछ में दावा किया है कि उसने अकेले ही सुरेंद्र के शव को घसीटकर बाथरूम तक पहुंचाया। वहां पहले से तैयार गड्ढे में शव को दबाया और ऊपर मिट्टी डालकर समतल कर दिया।
इसके बाद उसने बाथरूम का फर्श ऊंचा कराने के लिए एक राजमिस्त्री को बुलाया। राजमिस्त्री रवि कुमार ने पुलिस को बताया कि जब वह मौके पर पहुंचा तो रूबी खुद बाथरूम में मलबा डाल रही थी। उसने मजदूर लगाने की पेशकश की, लेकिन रूबी ने मना कर दिया। बाद में बाथरूम का नया सीमेंट का फर्श तैयार कर दिया गया। किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसी फर्श के नीचे एक शव दफन है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और बदलते बयान
हत्या के आठ दिन बाद, 26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रूबी ने परिवार और पुलिस को बताया कि पति झगड़ा करके घर छोड़कर चले गए हैं और जल्द लौट आएंगे।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान रूबी सामान्य व्यवहार करती रही। वह खुद सीसीटीवी फुटेज देखने में शामिल हुई, रिश्तेदारों के सामने पति की चिंता जताती रही और समय-समय पर अलग-अलग बातें कहती रही। कभी उसने कहा कि सुरेंद्र पैसे लेकर गए हैं, तो कभी दावा किया कि वह जल्द वापस आ जाएंगे।
भाई को हुआ शक, 45 दिन बाद खुला राज
इस बीच सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को लगातार शक होता रहा कि कुछ छिपाया जा रहा है। उन्होंने बैंक खातों की जानकारी जुटाई और कई तथ्यों को जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने रूबी से कई बार सच बताने की अपील भी की।
आखिरकार 3 जुलाई को मामला पूरी तरह पलट गया। अनिल शर्मा के अनुसार, रूबी ने खुद उन्हें फोन कर घर बुलाया। जब उन्होंने पूछा कि सुरेंद्र कहां हैं, तो उसने जवाब दिया—”घर में हैं।” दोबारा पूछने पर उसने कहा—”बाथरूम में… फर्श के नीचे।”
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। बाथरूम का सीमेंट तोड़कर खुदाई की गई, जहां से करीब डेढ़ महीने पुराना शव बरामद हुआ। शव बुरी तरह गल चुका था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और पोस्टमार्टम के लिए शव भेज दिया।
जांच अभी जारी, कई सवाल बाकी
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में रूबी ने हत्या की बात स्वीकार की है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या शव को दफनाने में किसी और ने भी मदद की थी, हत्या का वास्तविक कारण क्या था और क्या इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। अंतिम सच्चाई का फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।












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