नई दिल्ली। स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के शो India’s Got Latent से जुड़े एक पुराने विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए समय रैना सहित याचिका में नामित अन्य कॉमेडियनों पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला एक दिव्यांग शिशु पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और अदालत के समक्ष दिए गए आश्वासनों के पालन से जुड़ा है।
याचिका दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एक संस्था की ओर से दायर की गई थी। संस्था का आरोप था कि शो के एक एपिसोड में गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक शिशु की स्थिति को हास्य का विषय बनाया गया, जिससे दिव्यांग समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि समय रैना ने पहले इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और दिव्यांग बच्चों के हित में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि, याचिकाकर्ता का दावा है कि इन आश्वासनों का पालन नहीं किया गया।
इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और याचिका में शामिल अन्य कॉमेडियनों पर जुर्माना लगाया और निर्धारित अवधि के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि समयसीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं करने पर दंड बढ़ाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों या किसी कमजोर वर्ग की परिस्थितियों को मनोरंजन का माध्यम बनाते समय संवेदनशीलता बरतना आवश्यक है।
इस मामले के बीच समय रैना ने हाल ही में India’s Got Latent के नए सीजन की शुरुआत की है, जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया है। हालांकि, विवाद और अदालत की टिप्पणी के बाद शो एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
फिलहाल समय रैना या उनकी टीम की ओर से सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह मामला ऑनलाइन कंटेंट, हास्य की सीमाओं और कंटेंट क्रिएटर्स की सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।












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