नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 17वें दिन भी जारी है। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं।
आंदोलन से जुड़े सहयोगियों के अनुसार, अनशन के दौरान वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर सामान्य स्तर से नीचे पहुंच गया है। बताया गया है कि उन्हें उठने-बैठने में चक्कर आ रहे हैं और डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।
वांगचुक और उनकी टीम का कहना है कि उनका आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर है। उनका आरोप है कि अब तक सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधि आगे नहीं आया है।
इस बीच, विपक्षी दलों के कई नेताओं ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि वांगचुक का जीवन देश के लिए अत्यंत मूल्यवान है और उनसे अपना अनशन समाप्त कर लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का आग्रह किया।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन यूपीए सरकार ने आंदोलन के शुरुआती दिनों में ही संवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का दायित्व है कि वह आंदोलनों को सुने और संवाद स्थापित करे।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई ने देश के युवाओं को एकजुट किया है और उनका जीवन इस संघर्ष के लिए महत्वपूर्ण है।
वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से भी आंदोलन को समर्थन मिला है। आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फोन पर वांगचुक की सेहत की जानकारी ली और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। अभिनेता ओमी वैद्य, जिन्होंने फिल्म 3 इडियट्स में ‘चतुर’ का किरदार निभाया था, ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उनके संघर्ष के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि सरकार बातचीत के लिए आगे नहीं आती है, तो 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला जाएगा। उनका कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ की नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की है।
फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सभी की निगाहें सरकार की संभावित प्रतिक्रिया और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर टिकी हुई हैं।












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