भोपाल/नोएडा: क्या कोई लड़की अपनी मौत से महज़ आधा घंटा पहले घर लौटने के लिए ट्रेन टिकट बुक करती है? क्या कोई अपनी मां को फोन पर रोते हुए कहता है— “मम्मी, मैं यह सब सहन नहीं कर पा रही हूं… मुझे यहां से ले चलो” — और फिर कुछ ही देर बाद उसी घर से उसकी मौत की खबर आ जाती है?
33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे टिशा शर्मा की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शादी के सिर्फ पांच महीने बाद हुई उनकी संदिग्ध मौत अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। परिवार इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित प्रताड़ना और संदिग्ध मौत बता रहा है, जबकि ससुराल पक्ष आत्महत्या का दावा कर रहा है।
मौत से पहले मां को किया था आखिरी फोन
परिवार के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले टिशा ने अपनी मां को फोन कर रोते हुए कहा था कि वह मानसिक रूप से टूट चुकी है और भोपाल से निकलकर नोएडा वापस आना चाहती है। बताया जा रहा है कि उसने घर लौटने के लिए ट्रेन टिकट भी बुक कर लिया था।
फोन पर बातचीत के दौरान वह लगातार अपनी मां से मदद मांग रही थी। लेकिन इसी बातचीत के बीच कमरे में कोई आया, जिसके बाद फोन कट गया। करीब आधे घंटे बाद टिशा की सास ने फोन कर परिवार को बताया— “She is no more.”
दोस्त को भेजा था मैसेज — “I am trapped bro”
मामले को और गंभीर बनाता है टिशा का अपने दोस्त को भेजा गया संदेश। कथित तौर पर उसने लिखा था—
“I am trapped bro… तू शादी मत करना।”
परिवार का कहना है कि यह संदेश उसके मानसिक दबाव और डर को साफ दर्शाता है।
दिसंबर 2025 में हुई थी शादी
नोएडा की रहने वाली टिशा शर्मा पढ़ी-लिखी, एमबीए ग्रेजुएट और 2012 की मिस पुणे रह चुकी थीं। उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर सिंह से हुई थी, जो पेशे से क्रिमिनल लॉयर बताए जाते हैं।
समर सिंह की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज हैं। परिवार को लगा था कि कानून से जुड़े प्रतिष्ठित परिवार में बेटी सुरक्षित रहेगी। लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा।
दहेज, आर्थिक दबाव और गर्भपात के आरोप
टिशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उन्हें लगातार नीचा दिखाया गया। परिवार का कहना है कि लगभग ₹20 लाख के शेयर और निवेश पति के नाम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जा रहा था।
इसके अलावा परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि टिशा पर प्रेग्नेंसी को लेकर मानसिक दबाव डाला गया और उसका गर्भपात कराया गया। वायरल हो रहे कुछ कथित चैट्स में टिशा ने यह भी लिखा कि उसके पति ने उससे पूछा था— “ये बच्चा किसका है?”
परिवार का कहना है कि इसी घटना ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाए सवाल
एम्स भोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है, लेकिन रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान और किसी भारी वस्तु से वार किए जाने जैसे संकेत भी सामने आए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित फांसी में इस्तेमाल किया गया बेल्ट या फंदा मौके से बरामद नहीं हुआ। परिवार का आरोप है कि शुरुआती जांच में कई गंभीर लापरवाहियां हुईं।
उधर ससुराल पक्ष ने टिशा के चरित्र और व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उसे नशे की लत और अफेयर से जोड़ने की कोशिश की। हालांकि परिवार ने इन आरोपों को “चरित्र हनन” बताया है।
बताया जा रहा है कि लैब रिपोर्ट में किसी भी नशीले पदार्थ या जहर के सबूत नहीं मिले हैं।
पति फरार, सास को मिली जमानत
मामले में पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि टिशा के पति समर सिंह फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
वहीं उनकी मां और रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को उम्र के आधार पर जमानत मिल गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है। लेकिन परिवार को स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है। परिवार सीबीआई जांच, दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम और राज्य से बाहर ट्रायल की मांग कर रहा है।
पांच दिन बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार
टिशा का परिवार अब तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर चुका है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक बेटी को विदाई नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर परिवार प्रदर्शन कर रहा है और “जस्टिस फॉर टिशा” की मांग तेज होती जा रही है।
समाज के लिए बड़ा सवाल
टिशा शर्मा की मौत सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि उन हजारों लड़कियों की कहानी बन गई है जो रिश्तों में मानसिक दबाव, प्रताड़ना और सामाजिक डर के बीच घुटती रहती हैं।
यह मामला अब केवल एक संदिग्ध मौत नहीं, बल्कि कानून, रसूख और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी बड़ा सवाल बन चुका है।
अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है— क्या टिशा शर्मा को इंसाफ मिलेगा, या उसकी आखिरी आवाज भी फाइलों के नीचे दब जाएगी?












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