दरिंदगी का चेहरा: राहुल मीणा का काला सच”

सेक्स एडिक्ट, नशे की लत, सट्टेबाज और रेपिस्ट। यह कहानी है 19 साल के राहुल मीणा की। 22 अप्रैल की सुबह दिल्ली के कैलाश हिल्स में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी की 22 साल की बेटी की हत्या कर दी गई। घटना के वक्त वो घर पर अकेली थी। पुलिस के मुताबिक इस घटना को राहुल मीणा ने ही अंजाम दिया था। राहुल को घरवालों की दिनचर्या अच्छे से पता थी। वो जानता था कि घरवाले डुप्लीकेट चाबी कहां रखते हैं। पीड़िता के माता-पिता के घर से निकलते ही राहुल चाबी लेकर घर में घुसा। आरोप है कि राहुल ने पहले पीड़िता का रेप

किया फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस की जांच में राहुल से जुड़ी कई नई जानकारियां भी सामने आई है। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस विजय कुमार ने बताया कि आरोपी राहुल को ऑनलाइन गेमिंग की लत थी। गेम में भी वह काफी पैसे हार चुका था। आसपास के घरों में काम करने वाले लोगों से भी उसने पैसे उधार ले रखे थे। उन लोगों के कई बार मांगने पर भी वह पैसे वापस नहीं लौटा रहा था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि आरोपी राहुल सट्टेबाजी के साथ-साथ नशे का भी आदि था। आईआरएस ऑफिसर को राहुल की इन हरकतों का

पता चल गया था इसलिए उन्होंने उसे नौकरी से निकाल दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी बात का बदला लेने के लिए राहुल आईआरएस ऑफिसर के घर में घुसा था। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया कि घर में दाखिल होते वक्त राहुल ने काले रंग की पैंट और पीली शर्ट पहनी थी। घटना के बाद उसने कपड़े बदले और सफेद पट और उसी पीली शर्ट में कंधे पर बैग लटकाए बाहर जाते दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक घटना से ठीक 1 दिन पहले राहुल मीणा ने तीन मोबाइल फोन बेच दिए थे। इनमें उसका खुद का फोन, उसके भाई का और एक दोस्त का फोन शामिल था। उसने

यह तीनों फोन करीब ₹13,000 में एक स्थानीय दुकानदार को बेचे। बताया जा रहा है कि उसने दुकानदार से कहा था कि वह बाद में पैसे लौटाकर यह फोन वापस ले जाएगा। इससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि वह पहले से ही किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। इसके बाद राहुल ने अलवर से दिल्ली आने के लिए एक गाड़ी बुक की। यह गाड़ी एक प्राइवेट अस्पताल में एंबुलेंस के तौर पर इस्तेमाल होती थी। इसके लिए उसने ₹6000 किराया तय किया था। लेकिन जब वह दिल्ली पहुंचा तो उसने ड्राइवर को पैसे नहीं दिए। पुलिस के मुताबिक वो श्रीनिवासपुरी इलाके में यह कहकर गाड़ी से

उतर गया कि उसे सही पता पूछना है और फिर वह वहां से ही भाग निकला। इसके बाद राहुल पैदल ही पीड़िता के घर तक पहुंचा। आरोप है कि राहुल ने पीड़िता के साथ रेप किया और उसकी हत्या कर दी। राहुल अलवर का रहने वाला है। घटना की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की पांच टीमें अलवर पहुंची। अलवर पुलिस के साथ मिलकर टीम ने राहुल के पिता सहित छह लोगों को हिरासत में लिया। उन लोगों से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस ने राहुल को दिल्ली के एक होटल से गिरफ्तार किया। राहुल के दोस्तों से पूछताछ के बाद पता

चला कि उसके पिता आईएएस ऑफिसर के दफ्तर में नौकरी करते थे। पिता के कहने पर ही अधिकारी ने राहुल को अपने घर में नौकरी दी थी। लेकिन वह अक्सर पैसों की गड़बड़ी करता था। आसपोस के लोगों के मुताबिक उसने उन लोगों से करीब ₹1.5 लाख का कर्ज ले रखा था। जिसके बारे में पता चलने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। पिछले करीब डेढ़ महीने से वह अपने गांव में रह रहा था। गांव में वह दोस्तों के साथ मिलकर ऑनलाइन गेम खेलता और उसमें पैसे लगाता। जांच में यह भी पता चला है कि इस घटना से एक दिन पहले ही 21 अप्रैल की रात करीब 11:00 बजे

राजस्थान के राजगढ़ क्षेत्र में एक शादीशुदा महिला के घर में घुसकर उसका रेप किया था। महिला के मुताबिक राहुल उसके पति को अपनी बाइक पर बैठाकर किसी शादी में ले गया। उसका पति वहीं रुक गया। इस दौरान राहुल वापस आया और उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ रेप किया। पति के वापस लौटने के बाद पीड़िता ने उसे पूरी बात बताई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। फिलहाल यह सब शुरुआती जानकारी है। राहुल पुलिस की गिरफ्त में है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस अपराध में कोई और भी है।

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