“6-6 महीने तक नहीं होती थी बात…” — नीतू कपूर ने खोले शादीशुदा जिंदगी के सबसे मुश्किल राज

Neetu Kapoor और Rishi Kapoor की प्रेम कहानी हमेशा बॉलीवुड की सबसे चर्चित कहानियों में गिनी जाती रही है। लेकिन इस रिश्ते के पीछे की सच्चाई उतनी आसान नहीं थी, जितनी पर्दे पर दिखाई देती थी। अब नीतू कपूर ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर ऐसा खुलासा किया है जिसने प्रशंसकों को भावुक भी कर दिया है और हैरान भी।

हाल ही में एक बातचीत के दौरान नीतू कपूर ने बताया कि उनके और ऋषि कपूर के बीच अक्सर गंभीर झगड़े हुआ करते थे। इन झगड़ों का असर इतना गहरा होता था कि दोनों के बीच कई-कई महीनों तक बातचीत बंद रहती थी। नीतू कपूर ने कहा कि कई बार यह दूरी “6-6 महीने” तक चली जाती थी।

उन्होंने बताया कि वह महज 14-15 साल की उम्र में ऋषि कपूर को पसंद करने लगी थीं। उसी उम्र में उन्होंने दुनिया देखी, डिस्को जाना सीखा और रिश्तों को समझना शुरू किया। नीतू ने कहा कि उन्होंने शादीशुदा जिंदगी को भी बेहद मासूमियत और सादगी के साथ स्वीकार किया। जो परिस्थितियां सामने आती गईं, वह उन्हें निभाती चली गईं।

नीतू कपूर के मुताबिक, जब भी दोनों के बीच झगड़ा होता और वह अपनी बात समझाने की कोशिश करतीं, तो ऋषि कपूर उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं होते थे। ऐसे में वह उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर देती थीं — यानी उनसे बात करना बंद कर देती थीं और उनकी तरफ देखती तक नहीं थीं। यह सिलसिला तब तक चलता था, जब तक ऋषि कपूर खुद आकर यह न पूछें कि आखिर वह नाराज क्यों हैं।

हालांकि, इस दौरान भी ऋषि कपूर पूरी तरह दूर नहीं रहते थे। नीतू कपूर ने बताया कि वह बच्चों के जरिए उनकी खबर लेते रहते थे। फोन करके पूछते थे कि “मम्मी क्या कर रही हैं?” लेकिन सीधे बातचीत शुरू करने में उन्हें काफी समय लगता था।

नीतू कपूर ने अपनी सास का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी सास मजाक में कहा करती थीं, “तुम्हारी शादी को 30-40 साल नहीं हुए… असल में तो सिर्फ 20 साल हुए हैं, क्योंकि बाकी समय तो तुम दोनों ने लड़ाई और चुप्पी में निकाल दिया।”

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि समय के साथ उन्हें इस रिश्ते के उतार-चढ़ाव की आदत हो गई थी, क्योंकि वह बहुत कम उम्र से ही ऋषि कपूर के साथ थीं। यही वजह रही कि तमाम मुश्किलों के बावजूद यह रिश्ता आगे बढ़ता रहा।

नीतू कपूर ने यह भी बताया कि ऋषि कपूर अपने children के साथ कभी “दोस्त” वाले रिश्ते में सहज नहीं रहे। वह हमेशा एक पिता की भूमिका में ही रहना पसंद करते थे।

नीतू कपूर की ये बातें सिर्फ एक सितारा दंपति की कहानी नहीं बतातीं, बल्कि उस दौर की उन महिलाओं की झलक भी दिखाती हैं जिन्होंने परिवार को संभालने के लिए निजी संघर्षों और भावनात्मक कठिनाइयों को चुपचाप सहा। एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ नीतू कपूर ने एक पत्नी और मां के रूप में भी अपने रिश्तों को पूरी मजबूती से निभाने की कोशिश की।

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