रजनीकांत–शत्रुघ्न सिन्हा – हेमा मालिनी मल्टी-स्टारर हिंदी फिल्म हम में शहंशाह कौन अब देशभर में सिनेमाघरों में रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार है। निर्माता राजा रॉय द्वारा निर्मित इस फिल्म में रजनीकांत, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी, अनीता राज, प्रेम चोपड़ा, शरत सक्सेना, शारद सक्सेना, दिवंगत अमरीश पुरी और दिवंगत जगदीप जैसे दिग्गज कलाकार नजर आते हैं—जो उस स्वर्णिम दौर का प्रतिनिधित्व करते हैं, जब इस फिल्म की शूटिंग हुई थी।
दिवंगत निर्देशक हरमेश मल्होत्रा द्वारा निर्देशित इस फिल्म से भारतीय सिनेमा के कई महान नाम जुड़े रहे हैं। संवाद लिखे थे सलीम–फ़ैज़ ने, संगीत दिया था सदाबहार जोड़ी लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने, गीतकार थे आनंद बक्शी और नृत्य निर्देशन सरोज खान का था। फिल्म का निर्माण राजा रॉय फिल्म्स के बैनर तले हुआ और इसे रिमेक्स म्यूज़िक एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जो इसकी क्लासिक बॉलीवुड विरासत को और मजबूती देता है।
35 एमएम ईस्टमैन कलर फिल्म स्टॉक पर शूट की गई हम में शहंशाह कौन में ईस्टमैन कोडक की समृद्ध रंग योजना और टेक्नी कलर शैली की भव्यता देखने को मिलती है। हालांकि फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी थी, लेकिन उस समय इसे सेंसर सर्टिफिकेशन के लिए प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे यह परियोजना वर्षों तक अधूरी ही रह गई। इसकी भव्यता, अभिनय और प्रस्तुति उस दौर की सिनेमा को दर्शाती है।
फिल्म के लंबे विलंब के पीछे गहरी व्यक्तिगत त्रासदी भी रही। मुख्य शूटिंग के बाद निर्माता राजा रॉय व्यवसायिक कारणों से लंदन चले गए, जहां एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में उन्होंने अपने युवा बेटे को खो दिया। इस गहरे सदमे ने फिल्म की प्रगति को रोक दिया। इसके बाद निर्देशक हरमेश मल्होत्रा के निधन ने परियोजना को एक और बड़ा झटका दिया, जिससे काम फिर ठप हो गया।
फ़िल्म , हम में शहंशाह कौन की कहानी अंततः संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी बनकर सामने आई। सह-निर्माता असलम मिर्ज़ा और शबाना मिर्ज़ा ने फिल्म को दोबारा जीवित करने का संकल्प नहीं छोड़ा। बदलती तकनीक और समय के साथ तालमेल बिठाते हुए, उन्होंने फिल्म को पूरा करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए। आधुनिक तकनीकों की मदद से फिल्म का एआई-सहायता से रेस्टोरेशन, 4K रीमास्टरिंग और 5.1 सराउंड साउंड मास्टरिंग की गई है, जिससे इसकी आत्मा को बिना छेड़े इसे आज के सिनेमाई मानकों के अनुरूप बनाया गया है।
निर्माता राजा रॉय कहते हैं,
“हमने इस फिल्म के लिए कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। इसने दुख, बाधाएं और चुनौतियों को झेला है। आज मुझे बेहद संतोष है कि यह आखिरकार अपने दर्शकों तक पहुंच रही है। तमाम मुश्किलों के बावजूद यह फिल्म जीवित रही—और अब इसका रिलीज़ होना जैसे नियति का पूरा होना है।”
असलम मिर्ज़ा ने भी स्पष्ट किया कि तकनीक का उपयोग बेहद संवेदनशीलता के साथ किया गया। एआई टूल्स का प्रयोग केवल दृश्य और ध्वनि को बेहतर बनाने के लिए किया गया, ताकि अभिनय, कहानी और मूल रचनात्मक दृष्टि पर कोई प्रभाव न पड़े। फ़िल्म का क्लासिक लुक बना रहे इसका ध्यान सह-निर्माता असलम मिर्जा और शबाना मिर्ज़ा ने भी किया ।
अंतिम मास्टरिंग पूरी होने के साथ, हम में शहंशाह कौन संघर्ष से सफलता का एक उदाहरण बन चुकी है—एक ऐसी फिल्म, जो लंबे अंतराल के बाद आज आधुनिक तकनीक के सहारे नए दर्शकों के सामने अपने क्लासिक अंदाज़ में लौट रही है। फिल्म जल्द ही देशभर में सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी, जिसके बाद इसे मल्टी-प्लेटफॉर्म पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।
HUM MEIN SHAHENSHAH KAUN एक बार फिर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी जगह बनाने को तैयार है














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