एक दिन रुक जाती तो बच जाती अंकिता की जान

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में कई अहम खुलासे हुए हैं। इसी कड़ी में शनिवार को अंकिता और उसके दोस्त के बीच हुई बातचीत के कई व्हाट्सएप चैट सामने आए हैं। इनमें अंकिता ने वहां पर आने वाले एक वीआईपी मेहमान के बारे में बताया है। उसने कई बार लिखा कि अब वह यहां पर काम नहीं करेगी। अंकित उससे बहुत से गलत काम करने को कहता है। अंकिता ने यह सब बातें अपनी मौत से ठीक एक दिन पहले अपने दोस्त से की। इससे पता चलता है कि उसके ऊपर कितना दवाब बनाया जा रहा था। दरअसल अंकिता की हत्या 18 सितंबर रविवार के दिन हुई थी और उसने अपनी चैट में बताया है कि …मंडे को वीआईपी गेस्ट आ रहे हैं और उन्हें एक्स्ट्रा सर्विस देनी है।
…मैंने बोला तो मैं क्या करूं।
इस पर उसने कहा कि स्पा वगैरह…।

इस पर अंकिता ने कहा… मैं बहुत इनसिक्योर फील कर रही हूं। बहुत गंदा होटल है, मुझे यहां काम नहीं करना। दोस्त ने समझाने और कॉल करने की बात कही, लेकिन डर के मारे वह उससे भी ज्यादा बात नहीं कर सकी।
अंकिता ने कई बार लिखा कि अब वह यहां पर काम नहीं करेगी। अंकित उससे बहुत से गलत काम करने को कहता है। अंकित उसे धमकाता था कि यदि उसने ग्राहकों को मना किया तो यहां लड़ाई हो जाएगी। वह धमकी देता था कि वह उसे काम से निकाल देगा। चैट में दोस्त अंकिता को बार-बार कॉल करने को कहता रहा लेकिन वह मना करती रही। अंकिता ने कहा कि आवाज आएगी तो अंकित यहां आ जाएगा।

यह सारी बातें दोनों के बीच 17 सितंबर यानी अंकिता की मौत से एक दिन पहले हुई थीं।
चैट में अंकिता ने कहा रिजॉर्ट में आए एक ग्राहक ने शराब के नशे में जबरन उसे हग करने की कोशिश की। अंकिता ने कहा कि… अंकित बोल रहा है कि तुम्हें गेस्ट हैंडल करने हैं। अगर नहीं किया तो तुम्हें काम से हटा देंगे और दूसरी लड़की को रख लेंगे। दोस्त ने पूछा कि यह किसने बोला आर्यन ने, तो अंकिता ने हामी भरी। दोस्त ने अंकिता को समझाया कि वे उसे हटाएंगे नहीं..डोन्ट वरी।
घटना के दिन अंकिता की पुलकित आर्य और मैनेजर अंकित गुप्ता के साथ तीखी बहस हुई थी। अंकिता चीख रही थी, चिल्ला रही थी और रो भी रही थी। रिजॉर्ट के शेफ आदि कर्मचारी सब सुन रहे थे, लेकिन कोई भी विरोध की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

अंकिता के दोस्त पुष्प दीप ने फोन पर उससे कहा कि वह किसी को भेजकर अगले दिन उसे घर छुड़वा देगा। लेकिन आरोपी अंकिता को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए और बैराज में धक्का दे दिया। अंकिता और पुष्प दीप के बीच हुई इस बातचीत की ऑडियो रिकार्डिंग भी सोशल मीडिया पर वारयल हो रही है। अंकिता का गांव रिजॉर्ट से करीब डेढ़ सौ किमी दूर था। इसीलिए रोज आनाजाना मुमकिन नहीं था। इसी वजह से अंकिता रिजॉर्ट के ही एक कमरे में रह रही थी। उसका बैग आदि सामान भी इसी कमरे में था। वह इसी बैग को रिजॉर्ट से अपने पास लाने की बात कर रही थी। अंकिता रिजॉर्ट छोड़कर जाना चाहती थी। उसने रिजॉर्ट के रसोइए को फोन कर उसका बैग किसी दुकान तक लाने के लिए कहा था। रसोइया कहीं बाहर था, वह अंकिता को बोलता है कि मैं आ रहा हूं और वह अपने साथी को बाइक को वापस रिजॉर्ट की तरफ घुमाने के लिए भी कहता है।

अंकिता की जम्मू में नौकरी करने वाले मित्र पुष्प दी घटना के दिन अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। रात को करीब 8.30 बजे अंकिता ने फोन पर पुष्प को बताया कि वह फंस गई। पुष्प ने बताया कि उसने अंकिता को अगले दिन किसी को भेजकर घर श्रीकोट पहुंचाने की बात कही। अगर अंकिता एक दिन रुक जाती तो उसकी जान बच सकती थी।

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